ISSN-2231 0495

Hindi

माध्यमिक स्तर के अध्यापकों एवं अध्यापिकाओं के अध्यापन के प्रति अभिवृति

माध्यमिक स्तर के अध्यापकों एवं अध्यापिकाओं के अध्यापन के प्रति अभिवृति
विनोद कुमार
प्रवक्ता, शिक्षक-प्रशिक्षण विभाग
श्री बलदेव सिंह महा0वि0 हलियापुर
सुलतानपुर
डा0 बी0 के0 साहू
प्रवक्ता, शिक्षक प्रशिक्षण विभाग,
डा0 हरी सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर म0प्र0

 

 

शिक्षा ही जीवन और जीवन ही शिक्षा है। महान अमेरिकन शिक्षा शास्त्री डी0वी0 महोदय का कथन अक्षरशः सत्य है। बालक मां के गर्भ से लेकर जीवन की अन्तिम श्वांस तक कुछ न कुछ शिक्षा लेता रहता है। पर्यावरण की हर वस्तु उसे कुछ न कुछ सीख देती है। विज्ञान का यह चमत्कारी उत्कर्ष भी प्रकृति के सूक्ष्म निरीक्षण से ही हुआ है और साथ ही साथ मानव सभ्यता के विकास की आधारशिला शिक्षा ही है।
बालक सर्वप्रथम अपनी मां से शिक्षा प्राप्त करता है क्योंकि मां ही उस समय ही उसके सबसे सन्निकट होती है। इसीलिए तमाम मनावैज्ञानिकों ने मां को प्रथम शिक्षक कहा है। उसके परिवार के पर्यावरण से बालक में मानवोचित व्यवहार का वीजारोपण होता है और आगे चल कर समाज द्वारा उसे पोषण प्राप्त होता है।
महान शिक्षाशास्त्री पेस्टालाजी का कहना है कि शिक्षा  हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है। कुछ लोग शिक्षा को विलासिता समझते है अथवा समाज द्वारा बच्चे पर एक प्रकार की कृपा समझते हैं। इस बात का विरोध करते हुए पेस्टालाजी महोदय ने कहा है श्शिक्षा व्यक्ति की अनिवार्य आवश्कता है और उसकी आवश्यकता की पूर्ति का दायित्व समाज को उठाना ही चाहिए। शिा की समूचित व्यस्था करके समाज अपने दायित्व को ही निभाता है वह बालक पर किसी प्रकार की दया नहीं करता।राष्ट्रीय शिक्षा आयोग न टिप्पणी की है भारत के भविष्य का निर्माण अब उसके शिक्षण कक्षों में होना है। विज्ञान एवं तकनीकी ज्ञान पर अवलम्बित आज के विश्व में यह शिक्षा ही है जो मानव की समृद्धि, सुरक्षा एवं हित को निर्धारित करती हैं।

Register to read more...

 

झुन्झुनूं जिले के राजकीय एवं अराजकीय विद्यालय के अध्यापकों के कार्योन्मुख व्यक्तित्व कारकों एवं अध्यापक कार्य सन्तुष्टि का तुलनात्मक अध्ययन

झुन्झुनूं जिले के राजकीय एवं अराजकीय विद्यालय के अध्यापकों के कार्योन्मुख व्यक्तित्व कारकों एवं अध्यापक कार्य सन्तुष्टि का तुलनात्मक अध्ययन

डा. अशोक सेवानी
व्याख्याता,
जियालाल शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, अजमेर

सरिता सिंह
महिला एवं बालविशेषाधिकारी,
विकास विभाग, अजमेर

प्रस्तावना

मानव के विकास हेतु शिक्षा एक सतत् प्रक्रिया है। शिक्षा ही मानव की मनोवृत्तियों , ज्ञान व अभिरूचियों आदि की क्षमताओं का विकास दर मानव को बदलती है तथा उन परिस्थितियों के अनुरूप अपने आपको बदलने की शक्ति प्रदान करती है । कहने का तात्पर्य है कि शिक्षा केवल मानव को ज्ञान ही नही प्रदान करती बल्कि व्यवहारों, विचारों तथा अन्य व्यक्तित्व संबंधी कारकों का पूर्णरूपेण विकास करती है ।

व्यक्तित्व शब्द की उत्पति अंग्रेजी भाषा के ‘ पर्सनेलिटी ’ से हुई जो लेटिन भाषा के ‘परसोना’ से बना है जिसका अर्थ ‘ नाटकीय पोशाक’ तथा ‘मुखौटा’ से है अर्थात् व्यक्तिव का अर्थ ‘बाह्य शारीरिक आकृति’ से है । यह बात सार्थक नही हैं कि क्योंकि बाहरी आकृति से व्यक्ति के व्यक्तित्व का अध्ययन नही किया जा सकता हैं अपितु उसके आन्तरिक गुणों का होना भी अत्यधिक आवश्यक हैं ।

मनोवैज्ञानिकों के द्वारा व्यक्त्वि मनोदैहिक व्यवस्थाओं का वह गत्यात्मक संगठन है जो सम्पूर्ण वातावरण से सम्पर्क स्थापित करता हुआ ‘आत्म’ से उदय होता है। एक व्यक्ति के अच्छे व्यक्तित्व में निम्न विशेताएं होती है-

Register to read more...

 

मादक पदार्थों का सेवन करने वाले तथा नही करने वाले परिवारों के किशोरों की शैक्षिक उपलब्धि समयोजन तथा पारिवारिक वातावरण का अध्ययन’’

मादक पदार्थों का सेवन करने वाले तथा नही करने वाले परिवारों के किशोरों की शैक्षिक उपलब्धि समयोजन तथा पारिवारिक वातावरण का अध्ययन’’

 डॉ. अशोक सेवानी एवं दामोदर चावला

प्रस्तावना

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी हैं। वह जन्म से मृत्यु तक समाज में रहता है। अरस्तु के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति समाज में पृथक रहता है।  वह या तो पशु  है या देवता है।समाज में रहकर वह समाज के रीति रिवाज़, काननू, संस्कृति, प्रथायें, उठना बैठना, खान-पान व पारिवारिक गुणों को सीखता है।  सीखने की यह  प्रक्रिया  ही सामाजिकरण है। समाज शास्त्रियों का मानना है कि जैसा परिवार होता है वैसे ही बालक का सामाजिकरण होता है। किशोर के व्यवहार, मनोवृति एवं आदतों पर परिवार की छाप होती है। अतः घरों में मादक पदार्थो का सेवन करने वाले परिवार तथा मादक पदार्थ का इस्तेमाल न करने वाले परिवार में भी बालकों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा।

Register to read more...

 
  •  Start 
  •  Prev 
  •  Next 
  •  End 

Page 1 of 2

Login Form

Notice Board